स्वच्छ भारत मिशन की सच्चाई: कोडरमा स्टेशन पर गंदगी की ढेरों ने बदली तस्वीर, सफाई के दावे फेल…
Report: अमित कुमार( प्रभारी झारखंड)

कोडरमा:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में अमृत भारत योजना के तहत कोडरमा स्टेशन का चयन भी किया गया था। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। कोडरमा स्टेशन पर जगह-जगह गंदगी के ढेर, खराब शौचालय और खुले में शौच की समस्या इस अभियान को मुंह चिढ़ा रही है।
राष्ट्रीय ध्वज के आस- पास गंदगी का अंबार
कोडरमा रेलवे स्टेशन पर स्थिति ऐसी है कि राष्ट्रीय ध्वज के 200 मीटर के दायरे में ही गंदगी का अंबार देखा जा सकता है। हालांकि, जब धनबाद डिवीजन के डीआरएम या पूर्व-मध्य रेलवे हाजीपुर के अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं, तो गंदगी को तुरंत हटा दिया जाता है। आम दिनों में, यात्रियों और स्थानीय लोगों को इसी गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।
प्रवेश द्वार सहित प्लेटफॉर्म पर भी गंदगी का आलम
स्टेशन के प्रवेश द्वार पर नगर परिषद द्वारा बनाए गए यूरिनल की सफाई न होने के कारण स्थिति बदतर हो गई है। स्टेशन रोड और डॉक्टर गली के दुकानदार और ग्राहक खुले स्थानों पर पेशाब करते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बने शौचालय का गंदा पानी ट्रैक पर बहता है, जिससे यात्री परेशान हैं।
महिलाओं व आरपीएफ कर्मियों को भी हो रही परेशानी
स्टेशन परिसर और शहर के प्रमुख बाजारों में सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, आरपीएफ पोस्ट पर तैनात कर्मियों के लिए शौचालय की व्यवस्था न होने से उनकी समस्या और बढ़ जाती है।कोडरमा स्टेशन से राजधानियों, वंदे भारत और अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के गुजरने के कारण यहां सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन स्टेशन की सफाई और शौचालयों की बदतर स्थिति के कारण उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रेलवे और जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने की बात कही जाती है, लेकिन शहर और स्टेशन की स्थिति इसके उलट है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रीन कोडरमा, क्लीन कोडरमा का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हर स्तर पर सफाई को प्राथमिकता दी जाए और नागरिक भी गंदगी फैलाने से बचें।स्वच्छ भारत अभियान के तहत कोडरमा स्टेशन की स्थिति को सुधारने की मांग जोर पकड़ रही है। आम जनता और यात्रियों ने रेलवे और जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि कोडरमा स्टेशन वाकई में स्वच्छता का प्रतीक बन सके।





