परमात्मा के अवतरण का महापर्व है महाशिवरात्रि:- बीके गीता
रिपोर्ट: अमित कुमार (प्रभारी झारखंड)
कोडरमा:- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अड्डी बांग्ला झुमरी तिलैया में 89वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया कार्यक्रम में गया से पधारी राजयोगिनी शीला दीदी तथा मुख्य अतिथि नितेश चंद्रवंशी प्रदेश अध्यक्ष ,अनूप जोशी भाजपा के जिला अध्यक्ष ,प्रदीप केडिया जी , ग्रीजली विद्यालय के निदेशक अविनाश सेठ, संजय अग्रवाल तथा ग्रीजली विद्यालय की उप प्राचार्या संजीता कुमारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित के साथ शुरू हुई। गया से पधारी राज योगिनी शीला दीदी ने महाशिवरात्रि के ऊपर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का महापर्व कई आध्यात्मिक रहस्यओ को समेटे हुए हैं। यह सभी पर्वों में महान और श्रेष्ठ है, क्योंकि शिवरात्रि परमात्मा के दिव्य “अवतरण” का यादगार महापर्व है। वह इस धरा पर आकर मानव को देव सामान स्वरूप में खुद को ढालने का गुरु मंत्र राजयोग सीखा रहे हैं।महाशिवरात्रि पर्व पर हम सभी शिवालयों में जाकर धतूरा ,भांग ,गांजा आदि अर्पित करते हैं। इसके पीछे भी आध्यात्मिक रहस्य है की जीवन में जो कांटों के समान बुराइयां हैं, गलत संस्कार है, कांटो के समान बोल को शिव पर अर्पण कर मुक्त हो जाए। अपने जीवन के समस्या व बोझ उन्हें सौंप दे फिर आपकी जिम्मेदारी परमात्मा की हो जाएगी। परमपिता शिव इस धरा पर अवतरित होकर हम सभी विश्व की मनुष्य आत्माओं को सत्य की राह दिखा रहे हैं। भारत में 12 ज्योर्तिलिंगम प्रसिद्ध है जो परमात्मा का यादगार स्वरूप है। कहते हैं – जब-जब इस सृष्टि पर पाप की अति धर्मग्लानि होती है और पूरी दुनिया दुखों से घीर जाती है तो गीता में किए अपने वायदे अनुसार परमात्मा इस धरा पर अवतरित होते हैं। परमात्मा शिव को सभी ग्रंथ ,पुराने और वेदों में भी सर्वोपरि ईश्वर माना जाता है। वर्तमान समय कलयुग का सारा क।ल ही महारात्रि का है। सृष्टि में हर व्यक्ति दुख अशांति की पीड़ा से गुजर रहा हैं। प्रकृति का बिगड़ता संतुलन हो या समाज से विलुप्त होती मानवीय संवेदनाएं और गिरता नैतिक चरित्र विश्व परिवर्तन का स्पष्ट इशारा कर रही है। सृष्टि के विनाश और नवयुग के सृजन का यह वही संधिकाल संगम युग चल रहा है। वही कार्यक्रम में उपस्थित नीतीश चंद्रवंशी ने कहा कि विश्व विद्यालय में आत्मा को सुंदर एवं पवित्र बनाने की शिक्षा दी जाती है हमें खुद के जीवन को सुधार कर दूसरों के लिए शुभ भावना रखनी है। अनूप जोशी ने कहा शिवरात्रि अपने अंदर के अधिकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान का ज्योति जगाएं प्रदीप केडिया कहां हम स्वयं के परिवर्तन से ही विश्व मे परिवर्तन ला सकते हैं और यह आध्यात्मिकता के द्वारा ही हो सकता है। कार्यक्रम में लोगों को शिव बाबा का झंडा फहराकर विकारों से मुक्त होने की प्रतिज्ञा भी दिलाई गई तथा आकर्षक झांकी को झंडी दिखाकर शहर के विभिन्न मार्गो के लिए प्रस्थान किया गया। झांकी झंडा चोक होते हुए देवी मंडप ,पानी टंकी ,ब्लॉक रोड बाईपास होते हुए पूण: केंद्र पर आई। शिव संदेश का नारा लगाते हुए भारत भूमि पर शिव पधारें, भर लो भाग्य के भंडारे, पांच विकार नरक का द्वार, आदि संदेशों के द्वारा यात्रा को उमंग और उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम में स्वाति अग्रवाल ,रजनी खेतान, मीणा खेतान ,रीता, मीणा संगीताअग्रवाल ,सुधा, हैमियां सुधीर भाई ,सुनील अग्रवाल, शंकर कुमार ,सुमन कुमार, राजेश कुमार, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।




