45 करोड़ रुपये का लाटरी का टिकट एवं चार करोड़ का मशीन जप्त
150 मजदूर करते थे छपाई का कार्य
मिल के अंदर ही खाने-रहने से लेकर मशीन बनाने के लिए इंजीनियर भी थे
Report: संजय कुमार तिवारी
सासाराम (रोहतास) एसटीएफ तथा रोहतास पुलिस ने संयुक्त रूप से अंतर राज्यीय लॉटरी फैक्ट्री सहित कारोबारी का उद्वेदन किया है।
पिछले तीन दिनों से चल रही छापामारी के बाद शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी सत्य प्रकाश तथा एसपी रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से गुरुवार को मिडिया को जानकारी दी है। जहां बताया गया कि 45 करोड रुपए का लॉटरी बरामद और चार करोड रुपए से अधिक का लॉटरी तैयार करने वाली मशीन से यह कारोबार किया जा रहा था।

जिसमें करीब 150 मजदूर कार्य में लगे थे। एक राइस मिल के अंदर लॉटरी का कारोबार हाईटेक तरीके से चल रहा था जहां कार्य करने वाले मजदूर से लेकर उसके इंजीनियर भी चारदीवारी से बाहर नहीं निकलते थे। क्योंकि उस हाईटेक व्यवस्था के बीच भोजन पानी नाश्ता दवा मशीन मरम्मत की भी सारी व्यवस्था मौजूद थे। चेनारी थाना क्षेत्र के खुरमाबाद स्थित एक राइस मिल से करोड़ों की लॉटरी बरामद की गई है।

राइस मिल के आड़ में लॉटरी का धंधा जोरो से चल रहा था। लॉटरी का यह अंतरराज्यीय गिरोह बताया जा रहा है। इस गिरोह का सरगना डेहरी के रहने वाले पवन झुनझुनवाला है। पूर्व में भी इस तरह के आधा दर्जन से अधिक मामले उसे पर दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है। लॉटरी का धंधा इस राइस मिल में 2024 में से शुरू हुआ। इससे पहले इस गिरोह के द्वारा झारखंड के धनबाद में बड़े पैमाने पर लॉटरी का कारोबार किया जा रहा था। 2023 में इस धंधे को धनबाद से इस राइस मिल शिफ्ट कर चलाया जा रहा था।
लॉटरी बरामद मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई और ईडी से जांच हेतु बात बताई गई हैं।

जिले के एसपी रौशन कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी और आर्थिक अपराध से जांच करने के लिया लिखा जाएगा और यह जिले का पहला मामला है जहां इतने बड़े पैमाने पर लॉटरी की टिकट बरामद हुई है। जिला पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। शाहाबाद क्षेत्र के डीआईजी सत्य प्रकाश ने बताया कि यह पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और अवैध तरीके से कमाए गए संपत्ति को नये कानून में जो शक्ति प्रदान की गई है उसे शक्ति के द्वारा संपत्ति को जप्त किया जाएगा और पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। लॉटरी के इस धंधे में पवन झुनझुनवाला का संबंध बिहार झारखंड एवं नागालैंड के अलावा कई और राज्यों में है। जिसकी जांच गहराई से की जाएगी।
डीएसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित किया गया है। जिसका मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार 14 जनवरी से ही पटना से पहुंची डिहरी एसटीएफ टीम तो छापामारी किया था। जिसमें कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो पता चला कि चेनारी थाना अंतर्गत इब्राहीम पुर के एक राईस मिल में लॉटरी फैक्ट्री का कारोबार चल रहा है। जहां पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने लगातार तीन दिनों तक जांच के दौरान यह पाया कि रोहतास जिले से विभिन्न राज्यों में यहां से लॉटरी का धंधा संचालित होता था ।उसके बाद रोहतास पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए 45 करोड़ का लॉटरी जप्त किया है।






